shastra se shastra

shastra se shastra
एक‌ सैनिक जब‌ सीमा पर होता है तब उस के मन की दशा को समझना आसान नहीं होता । एक तरफ मातृभूमि की रक्षा करना प्रमुख ध्येय रहता है, वहीं घर पर प्रतीक्षा करती जन्मदायिनी माँ की याद और सहधर्मिणी को दिए वचनों को पूर्ण करने का दायित्वबोध भी नित्यानन्द वाजपेयी जी के काव्य में उक्त भावनाओं का ज्वार देखने को मिलता है। यह मात्र नित्यानन्द जी की रचनाएँ ही नहीं हैं, यह प्रत्येक ‌सैनिक का स्वर है।...More

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